Monday, June 18, 2018
खुशी तेरे पास है
खुशी है यहीं पे
उदास तू ना हो
खुशी तुझ में है
हताश तू ना हो
वो जो नन्ही सी आस है
तेरे दिल के पास है
तेरे हाथों की लकीरें
तेरी किसमत को सवारें
रोशनी है यहीं पे
अंधेरे दूर हों
यह जो शाम ढल रही है
सवेरे फिर से हों
साथ गर नहीं कोई तो क्या
तेरे हिम्मत तुझे सवारें
तेरी नेकी में जो शफा है
कुदरत तुझे दुलारे
#Livelife #RashKath
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